इस वर्ष जन्माष्टमी का पर्व 16 अगस्त 2025, शनिवार को मनाया जाएगा। अष्टमी तिथि शुरू होगी 15 अगस्त रात 11:49 बजे और समाप्त होगी 16 अगस्त रात 9:34 बजे
भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का श्रेष्ठ समय है: 12:04 AM से 12:47 AM (17 अगस्त की रात)।🌕 चंद्रोदय: 11:32 PM
व्रत रखा जाएगा 16 अगस्त को। व्रत का पारण 17 अगस्त सुबह 5:51 बजे के बाद करें
आरंभ: 17 अगस्त सुबह 4:38 बजे समाप्ति: 18 अगस्त सुबह 3:17 बजे पारण रोहिणी नक्षत्र समाप्ति के बाद करना श्रेष्ठ माना जाता है।
सुबह स्नान कर श्रीकृष्ण की प्रतिमा के सामने दीप जलाएं। व्रत का संकल्प लें और फलाहार करें। दिनभर श्रीकृष्ण का ध्यान करें।
रात 12 बजे श्रीकृष्ण का अभिषेक करें। आरती करें और उन्हें भोग अर्पित करें। कई भक्त इसी समय व्रत खोलते हैं
पारण सूर्योदय के बाद करें। यदि अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र एक साथ समाप्त न हों, तो किसी एक के बाद पारण करें।
यह व्रत जीवन की परेशानियों को दूर करता है। सच्चे मन से रखने पर श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है
जन्माष्टमी केवल पर्व नहीं, आत्मा से श्रीकृष्ण को अनुभव करने का दिन है। भक्ति, ध्यान और प्रेम से मनाएं यह शुभ दिन।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, कृपया अपनी श्रद्धा अनुसार पालन करें